बुलंदशहर। जनपद में शिशु मृत्यु दर में कमी लाने तथा बच्चों को डायरिया से बचाने के लिए बुधवार को सघन दस्त नियंत्रण अभियान का शुभारंभ हुआ। 22 जून तक चलने वाले इस अभियान के दौरान बच्चों को ओआरएस का घोल पिलाने के साथ ही डायरिया से बचाव की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी और पांच साल तक के बच्चों को ओआरएस सहित जिंक का वितरण किया जाएगा। बुधवार को पहासू सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र प्रभारी डा. मनोज कुमार ने ओआरएस घोल बांटकर पखवाड़े का शुभारंभ किया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. विनय कुमार सिंह ने बताया – दस्त बाल मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक है। इसे नियंत्रण करने व दस्त संबंधी कारण व इसके निदान के प्रति आम लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से दस्त नियंत्रण पखवाड़े का आयोजन महत्वपूर्ण है। पखवाड़ा के दौरान कम उम्र के बच्चों के बीच ओआरएस व जिंक की दवा वितरित की जाएगी। दस्त के कारण होने वाले शिशु मृत्यु के मामलों को न्यूनतम स्तर तक लाना इस पखवाड़े का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने कहा – डायरिया से होने वाले मृत्यु का मुख्य कारण निर्जलीकरण व शरीर में इलेट्रोलाइट्स की कमी होना है। ओआरएस व जिंक के प्रयोग से डायरिया से होने वाली मौत को टाला जा सकता है।
पहासू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अधीक्षक डा. मनोज कुमार ने बताया सघन दस्त नियंत्रण अभियान में आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को शामिल किया गया है। इस अभियान के दौरान आपसी समन्वय के आधार पर दस्त नियंत्रण के उपाय, दस्त की शिकायत होने पर ओआरएस व जिंक दवा का प्रयोग, दस्त के दौरान उचित पोषण व समुचित इलाज के प्रति आम लोगों को जागरूक किया जाएगा। आशा घर-घर जाकर ओआरएस व जिंक दवा का वितरण करेंगी।
सघन दस्त नियंत्रण पखवाड़ा शुरू, बुलंदशहर में 22 जून तक चलेगा अभियान
